अचानक और तेज पेशाब महसूस होना जिसे रोकना मुश्किल हो।
विशेषकर रात के समय (नॉक्टूरिया) बार-बार उठना।
आयुर्वेद में प्रोस्टेट की सूजन को कम करने के लिए कई प्रभावी जड़ी-बूटियाँ और उपाय बताए गए हैं:
पेशाब शुरू करने में समय लगना या धार का कमजोर होना।
प्रोस्टेट (गदूद) की समस्या पुरुषों में बढ़ती उम्र के साथ एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसे चिकित्सा की भाषा में कहा जाता है।
पेशाब करने के बाद भी ऐसा महसूस होना कि मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हुआ है।
प्रोस्टेट की समस्या के मुख्य लक्षण